Shayari for all | खुद्दार मुसाफिर


"वक्त की तरह गुज़र जाऊँगा"

दिल से पुकारोगे जो मुझे, 

तो 

ठहर जाऊँगा...

वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ,  

वक्त की तरह गुज़र जाऊँगा...!!

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