Sad Shayari | खामोशी

"रफ्ता रफ्ता सारे ताल्लुक निगल गई"

मुख़्तसर हुए पहले गुफ़्तगू के सिलसिले,

फिर_____
______खामोशी रफ्ता रफ्ता सारे ताल्लुक निगल गई...!!

Sad Shayari

Post a Comment

0 Comments